गर्मी कै दिनवाँ
गर्मी कै दिनवाँ
गर्मी कै दिनवाँ
गर्मी कै दिनवाँ चूवै पसिनवाँ,
सूतल रहीं खरिहनवाँ मा।
रतिया में आइ जगावै पतरकी-
सिटिया बजावै कनवाँ मा।।
पुरबी गावैं जब चाचा लच्छी,
हम सब सुनीं धीयनवाँ से।
कान में अँगुरी डारि के गावैं,
आँखि मूनि बहु मनवाँ से।
राति अँजोरिया बड़ निक लागै-
उठि नहिं जाय बिहनवाँ मा।।
रतिया में आइ जगावै--------।।
पूरब पोखरिया पे कबहूँ-कबहूँ,
बारैं बत्ती भुतवा जब।
चिहुँकीं हम सब सुतलइ पईरिया,
लागै भुतवा आईल अब।
सिकुड़ि-सिकुड़ि तब सब सटि जाएँ-
एकै रजाई-ओढ़नवाँ मा।।
रतिया में आइ जगावै----------।।
अबहूँ न भूलै पैरी पे सुत्तल,
भूलै न लच्छी कै गनवाँ रे।
हँसि-हँसि बीतैं दिनवाँ औ रतियाँ,
अबहूँ न भूलै खरिहनवाँ रे।
सँवरी- पतरकी कै बोलिया न भूलै-
सब कुछ अबहीं बा मनवाँ मा।।
रतिया में आइ जगावै------------।।
मेलवा-बजरिया कै जाइब न भूलै,
भूलै न बित्ती कै खेलवा रे।
पढ़ाई-लिखाई कै बतिया न भूलै,
सस्ती मिठाई कै ठेलवा रे।
अबहूँ न भूलै ऊ सुखवा रे भैया-
रहा जो माई- अँगनवाँ मा।।
रतिया में आइ जगावै------------।।
लवटि के आई न अब ऊ दिनवाँ,
गैया-भँइसिया चराये जब।
बगला के खेतवा कै तोड़ि-तोड़ि उखिया,
अलुवा उखाड़ि चोराये जब।
मिलै न सुखवा नहैले कै रह जो-
पोखरी-पोखरा-नहनवाँ मा।।
रतिया में आइ जगावै पतरकी-
सिटिया बजावै कनवाँ मा।।
©डॉ0हरि नाथ मिश्र
9919446372
Gunjan Kamal
03-Jun-2024 03:59 PM
👌🏻👏🏻
Reply
Mohammed urooj khan
15-May-2024 11:34 PM
👌🏾👌🏾
Reply
kashish
15-May-2024 08:23 PM
V nice
Reply